पणजी: गोवा कांग्रेस के अध्यक्ष शांताराम नाईक ने शनिवार को आरोप लगाया है कि राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर जब रक्षा मंत्री थे, तब उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में पता तक नहीं था। कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि पर्रिकर ने इसलिए केंद्रीय मंत्रालय छोड़ा, क्योंकि वह दबाव नहीं झेल सके।

नाईक का यह बयान पणजी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए उपचुनाव के संदर्भ में आया है, जहां से मुख्यमंत्री पर्रिकर चुनाव लड़ रहे हैं। वह फिलहाल उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं।

नाईक ने आरोप लगाया, पर्रिकर को सर्जिकल स्ट्राइक होने से पहले तक इस बारे में कुछ भी पता नहीं था। यह सबकुछ वास्तव में प्रधानमंत्री कार्यालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने मिलकर किया। लेकिन उन्होंने इस स्ट्राइक के लिए आरएसएस के प्रशिक्षण को श्रेय दिया।

उल्लेखनीय है कि पर्रिकर ने पिछले साल अक्टूबर में एक कार्यक्रम में कहा था, मुझे आश्चर्य होता है कि महात्मा गांधी की भूमि से आने वाला प्रधानमंत्री और गोवा से आने वाला रक्षा मंत्री सर्जिकल स्ट्राइक करते हैं.. संभव है कि इसमें आरएसएस के प्रशिक्षण का योगदान हो, लेकिन यह बहुत अलग किस्म का मेल है।

नाईक ने यह आरोप भी लगाया कि पर्रिकर राज्य की राजनीति में पलायन कर आए हैं, क्योंकि वह केंद्रीय मंत्रालय में दबाव नहीं झेल पाए थे।

नाईक ने मीडिया रिपोर्ट के हवाले से कहा, यहां तक कि पर्रिकर ने खुद कहा था कश्मीर की वजह से पैदा हुए दबाव के चलते वह गोवा लौटे। पणजी में उपचुनाव 23 अगस्त को होना है, जहां से पर्रिकर के खिलाफ कांग्रेस के गिरीश चंदोकर और गोवा सुरक्षा मंच के आनंद शिरोडकर मैदान में हैं।

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