नई दिल्ली: केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने केंद्र द्वारा प्रस्तावित न्यू इंडिया की शपथ के अनुसार स्वतंत्रता दिवस न मनाने के पश्चिम बंगाल सरकार के फैसले को रविवार को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए आशा जाहिर की कि बुद्धिमत्ता की जीत होगी। मानव संसाधन विकास मंत्री ने पूछा, मैं (पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जारी) पत्र की भाषा पर हैरान हूं ..यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने इस प्रकार स्वतंत्रता दिवस न मनाने का फैसला किया है। हमने जिस प्रकार इसे मनाने का सुझाव दिया है, उसमें क्या गलत है?

जावड़ेकर ने कहा कि किसी को भी भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ और 70वां स्वतंत्रता दिवस एचआरडी मंत्रालय के सुझावों के अनुरूप मनाने के लिए बाध्य नहीं किया गया था, फिर भी सभी ने स्वेच्छा से निर्देशों का पालन किया।

सभी जिला परियोजना अधिकारियों को भेजे गए एक पत्र में सर्व शिक्षा अभियान-पश्चिम बंगाल ने उन्हें एमएचआरडी के संयुक्त सचिव मनीष गर्ग के 25 जुलाई, 2017 के पत्र के अनुसार स्वतंत्रता दिवस की सभी तैयारियां रोकने का निर्देश दिया है।

11 अगस्त को भेजे गए पत्र में कहा गया है, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा फैसला लिया गया है कि स्वतंत्रता दिवस 2017 इस प्रकार नहीं मनाया जाएगा। मंत्रालय ने स्वतंत्रता दिवस और भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ मनाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों को कई निर्देश जारी किए थे।

संस्थानों को नौ से 30 अगस्त के बीच सांप्रदायिकता, जातिवाद, गरीबी, आतंकवाद और अस्वच्छता से आजादी के लिए शपथ ग्रहण समारोह, आजादी के संघर्ष पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, किसी भी शहीद के स्मारक की यात्रा और चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित करने का निर्देश दिया गया था।

जावड़ेकर ने कहा, ये राजनीतिक एजेंडा नहीं, धर्मनिरपेक्ष और राष्ट्रीय एजेंडा है..मैं यह देखकर बेहद खुश हूं कि सभी इसमें स्वेच्छा से भाग ले रहे हैं और हमारी वेबसाइट पर इसकी तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं।

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