हनीप्रीत ने पुलिस पूछताछ में एक अहम खुलासा किया है। उसने बताया कि फरारी के दौरान व पंजाब के बठिंडा के गांव जंगीराणा में करीब एक सप्ताह रुकी थी। बुधवार को एसआईटी हनीप्रीत और सुखदीप को लेकर गांव पहुंची। पुलिस की माने तो हनीप्रीत राम रहीम के ड्राइवर इकबाल सिंह के करीबी रिश्तेदार के घर में छिपी हुई थी। वहीं गांव के सरपंच निर्मल सिंह ने भी हनीप्रीत के छिपे रहने की बात कबूली है।

बुधवार दोपहर बाद पुलिस बठिंडा से हनीप्रीत को साथ लेकर राजस्थान के गुरुसर मोडिया के लिए रवाना हुई। रात को एसआईटी. वहीं पर रुकेगी और सुबह हनीप्रीत की निशानदेही पर उन ठिकानों पर जाएगी, जहां पर फरारी के दौरान हनीप्रीत छिपकर रही थी। पुलिस सूत्रों की मानें तो जीरकपुर का एक नामी बिल्डर भी शक के दायरे में है। बिल्डर की डेरा प्रमुख के साथ काफी नजदीकी बताई जाती है। बिल्डर ने ही डेरा प्रमुख को गाडिय़ां मुहैया करवाईं और पुलिस को इस बात का भी शक है कि हनीप्रीत को भी फरारी के दौरान पनाह दिलवाने में बिल्डर का हाथ रहा है।

खबरों की माने तो हनीप्रीत ने पंचकूला में हिंसा भड़काने के लिए कुछ वीडियो को सोशल मीडिया में वायरल किए थे। इन वीडियो में डेरे के लोगों ने देश विरोधी नारे भी लगाए और डेरा समर्थकों को भड़काया ।