शिमला: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में शनिवार देर रात हुए भूस्खलन में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 से ज्यादा लोग लापता हो गए। साथ ही कुछ घर, दो बसें और कुछ वाहन जमींदोज हो गए और सड़क का 150 मीटर से ज्यादा का हिस्सा धंस गया। भूस्खलन जोगिंदरनगर तहसील में कोटरोपी गांव के पास मंडी-पठानकोट राजमार्ग पर शनिवार देर रात करीब 12:20 बजे हुआ। उस समय हिमाचल सड़क परिवहन निगम की दो बसें राजमार्ग पर स्थित एक कियोस्क पर रुकी हुई थीं।

राज्य परिवहन मंत्री जी. एस. बाली ने एक समाचार चैनल को बताया, चालक के साथ आखिरी संवाद के मुताबिक, बस (मनाली जा रही) क्षमतानुसार पूरी तरह से भरी हुई थी।
हादसे के समय चंबा से मनाली जा रही बस में 40 से ज्यादा यात्री सवार थे। बस सड़क से 800 मीटर नीचे लुढ़क गई और मलबे के ढेर के नीचे दब गई।

कटरा (जम्मू) जा रही एक अन्य क्षतिग्रस्त बस के हिस्से बरामद कर लिए गए। बस में सवार आठ लोगों में से तीन की मौत हो गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को बताया कि पहाड़ी के गिरने के कुछ मिनट पहले उन लोगों ने घर खाली कर दिए थे और जंगल की ओर भाग गए थे।

एक महिला ने बताया, आपदा के ठीक पहले कुछ पत्थर लुढ़कने लगे। खतरा भांपकर हम जंगली इलाके की तरफ दौड़ने लगे और खुद को बचाने में सफल रहे। उसने बताया कि उसका घर मलबे में बह गया और मवेशी मर गए। क्षेत्र में भारी बारिश हुई है।

स्थानीय अधिकारियों, भारतीय सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल द्वारा जांच और बचाव अभियान जारी है। अब तक पांच लोगों को बचाया जा चुका है और उन्हें मंडी के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटनास्थल राज्य की राजधानी से करीब 220 किलोमीटर दूर है। सड़क का 150 मीटर से ज्यादा हिस्सा मलबे के साथ बह गया है।

एक अधिकारी ने बताया, लापता लोगों की सही संख्या का आकलन करना अभी बाकी है।
राज्य के राजस्व मंत्री कौल सिंह ने मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और विपक्ष के नेता प्रेम कुमार धूमल फौरन घटनास्थल पर पहुंचे।

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